प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से दिए गए अपने संबोधन में 2024 लोकसभा चुनाव का एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने इशारा किया है कि भाजपा यह लड़ाई ‘भ्रष्टाचार पर की गई कार्रवाई’ के आधार पर लड़ेगी। पीएम के संबोधन से इस बात का भी इशारा मिल जाता है कि विपक्ष के ईडी-सीबीआई के राजनीतिक दुरुपयोग के आरोपों से विचलित हुए बिना भ्रष्टाचारी नेताओं पर कार्रवाई जारी रहेगी। यानी आने वाले दिनों में विपक्षी नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाकर प्रधानमंत्री ने यह संकेत दे दिया है कि महिला उन्मुखी योजनाएं आने वाले समय में भी केंद्र सरकार की प्रमुखता में बनी रहने वाली हैं। ये 2024 में उसकी सत्ता में वापसी की राह खोल सकती हैं।

प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार को दूसरे क्षेत्रों में भी योग्य युवाओं के आगे बढ़ने की राह का रोड़ा बताया है। उन्होंने उदाहरण सहित बताया है कि जैसे ही खेलों की दुनिया से भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार खत्म किया गया, युवाओं ने भारत को खेलों की दुनिया की एक बड़ी ताकत बना दी। उन्होंने इशारा किया है कि इसी तरह दूसरे क्षेत्रों से भी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दूर होने से उस क्षेत्र में योग्य युवाओं की राह आसान बनेगी। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि गैर-राजनीतिक क्षेत्रों में भी भ्रष्ट लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी की युवाओं में छवि और ज्यादा मजबूत होगी।

महिलाओं का अपमान, देश-समाज का विकास भी बाधित

प्रधानमंत्री ने लाल किले से ‘महिलाओं के सम्मान’ का मुद्दा गंभीरता के साथ उठाया है। उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक जीवन में भी लोग महिलाओं का अपमान कर देते हैं। इससे न केवल महिलाओं का अपमान होता है, बल्कि इससे देश-समाज का विकास भी बाधित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि देश को 2047 में एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखना है, तो महिलाओं की भागीदारी के बिना यह कार्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि महिलाओं को उचित भूमिका दी जाती है तो इससे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प आसान हो जाएगा। इससे यह भी संकेत मिल जाता है कि आने वाले वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं में महिला उन्मुखी योजनाएं प्रमुख बनी रहने वाली हैं। 2019 में भाजपा की सत्ता में वापसी में भी महिलाओं ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।

पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई की कार्रवाई लगातार चल रही है। यूपी, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड से लेकर देश के अनेक हिस्सों में विपक्षी दलों के नेताओं या उनके करीबियों पर कार्रवाई हुई है। इन कार्रवाइयों में सैकड़ों करोड़ रुपये की नकदी, भारी मात्रा में सोने के आभूषण और चल-अचल संपत्ति बरामद हुई है। चूंकि, यह कार्रवाई ज्यादातर विपक्षी दलों के नेताओं पर या उनके करीबी लोगों पर हुई हैं, विपक्ष यह आरोप लगाता रहा है कि इसका उद्देश्य विपक्ष को डराना और राज्य में सत्ता हासिल करना रहा है।

लेकिन यह आरोप पूरी तरह सही नहीं है। केंद्र सरकार ने राजनीति सहित अनेक क्षेत्रों में भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई की है। इसकी शुरुआत केंद्र सरकार के प्रशासन में जड़ें जमाए भ्रष्ट अधिकारियों को जबरन रिटायर करके की गई थी। बाद में गैर-राजनीतिक दूसरे क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है।

पीएम ने दूसरे देशों के मानकों पर अपने को न तौलने की बात के साथ अपने मानक स्थापित करने की बात भी कही है। इस बात के आरोप लगते रहे हैं कि विदेशी सरकारों के दबाव में अनेक संस्थाएं भारत के खिलाफ रिपोर्ट जारी कर समय-समय पर उसे दबाव में लाने के प्रयास करती रही हैं। लेकिन बदले समय में इस तरह के दबावों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आत्मशक्ति से संपन्न भारत के आगे बढ़ने की संकल्पशक्ति को दिखाता है।

चुनावी एजेंडा नहीं, विकसित भारत के निर्माण की सोचः भाजपा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लाल किले से दिया गया संबोधन चुनावी भाषण की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे देशवासियों के सहयोग से 2047 तक भारत को एक ‘विकसित और वैभवशाली राष्ट्र’ बनाने का संकल्प लिया है। भ्रष्टाचार को खत्म किए बिना यह संकल्प पूरा नहीं किया जा सकता, लिहाजा भ्रष्टाचार पर हमले की पीएम मोदी की बात को इसी संदर्भ में लिया जाना चाहिए।

प्रेम शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पूरी राजनीतिक जीवन यात्रा को ध्यान से देखें तो उन्होंने हर जगह भ्रष्टाचार को समाप्त करने और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने का काम किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने राज्य से भ्रष्टाचार समाप्त कर राज्य को विकास की दौड़ में सबसे आगे पहुंचाया। उनकी यह सोच आज प्रधानमंत्री बनने के बाद भी जारी है।

पीएम मोदी ने लालकिले से यह भी कहा है कि जिन लोगों ने देश को लूटा है, उन्हें वह धन लौटाना होगा। क्या इसका यह अर्थ है कि आने वाले दिनों में विपक्ष के नेताओं पर ईडी और सीबीआई की जांच जारी रहने वाली है? अमर उजाला के इस सवाल पर भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि इसे केवल भ्रष्टाचारियों पर की गई कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर पीएम के कड़े रुख के बाद यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि भ्रष्टाचारी व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल में और किसी भी क्षेत्र में होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी योग्य युवाओं को प्रतिस्पर्धा करने का पूरा अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए और पीएम इसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं।